Ameer Minai Sher O Shayari – Ulfat Mein Barabar Hai Wafa Ho Jafa Ho


उल्फत में बराबर है वफ़ा हो के जफ़ा हो
हर बात में लज्ज़त है अगर दिल में मज़ा हो

आये जो मेरी लाश पे वो तंज़ से बोले
अब मैं हूँ खफा तुमसे के तुम मुझसे खफा हो

– अमीर मीनाई