Husn Shayari Hindi Mein – हुस्न दिखाकर भला कब हुई


हुस्न दिखाकर भला कब हुई है मोहब्बत…….!!
वो तो बस काजल लगाकर हमारी जान ले गयी…!!

Husn Shayari Hindi Mein – हुस्न ए मुजस्सिम हो या

हुस्न ए मुजस्सिम हो या साँवली सी सूरत..
इश्क़ अगर रूह से हो तो हर चेहरा कमाल लगता है.


Husn Shayari Hindi Mein – नज़र नज़र का फर्क है

नज़र नज़र का फर्क है, हुस्न का नहीं ;
महबूब जिसका भी हो बेमिसाल होता है..

Husn Shayari Hindi Mein – हमें भी ज़ल्वागाहे नाज़ तक

हमें भी ज़ल्वागाहे नाज़ तक ले कर चलो मूसा,
तुम्हें गश आ गया तो हुस्न ए जानाँ कौन देखेगा


Husn Shayari Hindi Mein – कांच का जिस्म कहीं टूट

कांच का जिस्म कहीं टूट न जाये,
हुस्न वाले तेरी अंगड़ाइयो से डर लगता है


Husn Shayari Hindi Mein – सिर्फ इशारों में होती महोब्बत

सिर्फ इशारों में होती महोब्बत अगर
इन अलफाजों को खुबसूरती कौन देता?
बस पत्थर बन के रह जाता “ताज महल”
अगर हुस्न इसे अपनी पहचान ना देता