Yaad Shayari By Mohsin Naqvi – Tumhari Yaad Bhi

तुम्हारी याद भी मोहसिन किसी मुफ़लिस की पूंजी है
जिसे हम पास रखते हैं, जिसे हम रोज़ गिनते हैं
~मोहसिन नक़वी

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