Tag: Ranjish Hindi Poetry

Ranjish Shayari Hindi Mein – मेहरबानी को मुहब्बत नहीं कहते

मेहरबानी को मुहब्बत नहीं कहते ऐ दोस्त
आह! अब मुझसे रंजिशे-बेजा भी नहीं



Ranjish Shayari Hindi Mein – ज़माने भर से हो रंजिश

ज़माने भर से हो रंजिश, घटा कैसी ही छाई हो,
मजा तो तब है तेरी जब, तुझी से ही लड़ाई हो

सितारे गर्दिशो में हो, मुकद्दर हाशिये पर हो ,
रहे इम़ा तेरा सच्चा, की जब जब सर उठाई हो