Selected Sher O Shayari – हाथ ज़ख़्मी हुए तो कुछ अपनी ही खता थी

हाथ ज़ख़्मी हुए तो कुछ अपनी ही खता थी…..
लकीरों को मिटाना चाहा किसी को पाने की खातिर….!!

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