Selected Sher O Shayari – हम भी अक़्सर इन फूलो कि तरह तन्हा

हम भी अक़्सर इन फूलो कि तरह तन्हा रहते हैँ..
कभी ख़ुद टूट जाते है, कभी लोग हमे तोड़ जाते है..

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