Selected Sher O Shayari – सुनो, आज खुशी मिली थी डिबिया में बंद कर

सुनो, आज खुशी मिली थी डिबिया में बंद कर के रख ली है
तुम मिलोगें, तो मिल-बाँट के खायेगें, नहीं तो शायद मीठी न लगे !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *