Nazakat Shayari Hindi Mein – तुम्हें मखमल की सिलवट भी

तुम्हें मखमल की सिलवट भी चुभे है हद नज़ाकत की
हमें कांटें हो या पत्थर सब अपने संग सुलाते हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *