Mother Shayari Hindi Mein – गिन लेती है दिन बगैर

गिन लेती है दिन बगैर मेरे गुजारें हैं कितने
भला कैसे कह दूं कि माँ अनपढ़ है मेरी।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *