Minnat Shayari Hindi Mein – वहशत में भी मिन्नत-कश-ए-सहरा नहीं

वहशत में भी मिन्नत-कश-ए-सहरा नहीं होते
कुछ लोग बिखर कर भी तमाशा नहीं होते

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