Jism Shayari Hindi Mein – माना राख हो जायेगाके जिस्म

माना राख हो जायेगा,के जिस्म मिटटी का है बना,
अधूरे ख्वाहिशों की चादर मेरी रुह से लिपटी रहेगी सदा

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