Heart Broken Urdu Shayari – मिर्ज़ा ग़ालिब: उड़ने दे इन् परिंदो को

मिर्ज़ा ग़ालिब :
उड़ने दे इन् परिंदो को आज़ाद फ़िज़ा में ग़ालिब,
जो तेरे अपने होंगे वो लौट आयेंगे किसी रोज़…
इक़बाल :
न रख उम्मीद-ऐ-वफ़ा किसी परिंदे से इक़बाल,
जब पर निकल आते हैं तो अपने भी आशियाना भूल जाते है…

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