Dard Bhari Shayari – जाने कब-कब किस-किस ने कैसे-कैसे तरसाया

जाने कब-कब किस-किस ने कैसे-कैसे तरसाया मुझे,
तन्हाईयों की बात न पूछो महफ़िलों ने भी बहुत रुलाया मुझे

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