Dard Bhari Shayari – जब से बाजी, वफा की हारे हैं.

जब से बाजी, वफा की हारे हैं.
दोस्तों, हम भी गम के मारे हैं.
तुम हमारे सिवा, सभी के हो,
हम किसी के नहीं, तुम्हारे हैं.

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