Category: Khwab Shayari

Khwab Shayari Hindi Mein – रजाईयां कहाँ होती है आशिक़ों

रजाईयां कहाँ होती है आशिक़ों के नसीब में,
वो तो अधूरे ख्वाब ओढ़कर सोते है..


Khwab Shayari Hindi Mein – ना जाने वो कितने


ना जाने वो कितने नाराज़ है मुझसे
कल रात ख्वाब में भी मिलें तो बात नही की…

Khwab Shayari Hindi Mein – क्या जाने क्या वहम है

क्या जाने क्या वहम है उसे मेरी तरफ से
जो ख्वाब मे भी, रात को, तन्हा नहीं आता