Aarzu Shayari Hindi Mein – ना कोई आहटे थी ना

ना कोई आहटे थी ना कोई साया था,
ऐसा क्यू लगा जैसे कोई आया था |
आरज़ू तुमको क्या पता मैं देता,
उसके खवाबो मे घर बसाया था |

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