Month: August 2017

Zakhm Shayari Hindi Mein – इल्ज़ाम तो हर हाल में

इल्ज़ाम तो हर हाल में काँटों पे लगेगा..
ये सोचकर कुछ फूल भी चुपचाप ज़ख्म दे जातें हैं.


Jism Shayari Hindi Mein – हमारे जिस्म को अब छोड़


हमारे जिस्म को अब छोड़ मेरी रूह ……
पुराना हो चूका ये पैरहन, अब तो बदल ही दे…

Zakhm Shayari Hindi Mein – किसी के ज़ख्म का मरहम

किसी के ज़ख्म का मरहम, किसी के ग़म का ईलाज
लोगो ने बाँट रखा है मुझे.. दवा की तरह